
४. नई रीत
लेखक – प्रताप सहगल
इस एकांकी में मीत के जन्मदिन पर एक अलग तरह के उदाहरण द्वारा वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की बात की गई है।
पात्र
- देवांश
- पापा (देवेंद्र) – देवांश के पापा
- मम्मी (देवयानी) – देवांश की माँ
- मिताली – देवांश की बहन
- नीलांश, अनमोल, मानस, सनी सरदार और चार-छह लड़के – सभी देवांश के दोस्त
- बिमला – घर में काम करने वाली
[मंच पर प्रकाश फैलता है। एक कमरे का दृश्य। गुब्बारों और सजावट के सामान से सजा हुआ। खाली मेज लगी हुई है। दूसरी ओर संगीत के वाद्ययंत्र पड़े हुए हैं। देवांश का जन्मदिन है। देवांश के पापा और मम्मी का कमरे में प्रवेश। दोनों एक साथ कमरे की सजावट पर डालते हैं। मिताली ने देवांश की आँखों को अपने हाथों से ढक रखा है।]
संवाद
मिताली : (मंच पर प्रवेश करते हुए) यह रहा तुम्हारा कमरा!
देवांश : हाथ तो हटाओ!
(मिताली देवांश की आँखों से हाथ हटा लेती है। देवांश कमरे की सजावट देखकर आनंद खुशी कूद-कूदकर प्रकट करता है।)
पापा : आज तुम्हारा जन्मदिन है बेटा तो हो... आज खूब मजे करो!
मम्मी : तुम्हारे सब दोस्त कहाँ रह गए?
मिताली : (कमरे के दरवाजे की ओर देखते हुए) देखो! नीलांश, आओ!
देवांश : हाय! आओ, कबसे इंतजार कर रहा हूँ।
(तभी एक के बाद एक दोस्तों का प्रवेश। सभी के हाथ में उपहार – कोई खेल का, कोई खिलौने का। देवांश उन सबका स्वागत करता है। मम्मी, पापा और मिताली से मिलवाता है।)
नीलांश : यह अनमोल, यह रहा सनी सरदार!
(तीनों थोड़ा-सा गाना गाते हुए एक-दूसरे के गले मिल रहे हैं। इतने में चार-पाँच दोस्त और आ जाते हैं। यानी एक उत्सव-सा माहौल बन जाता है।)
देवांश : मानस नहीं आया?
नीलांश : लगता है, अभी भी तुमसे नाराज है।
पापा : नाराज क्यों?
मम्मी : की होगी कोई शरारत, उसे आना चाहिए, बड़ा प्यारा बच्चा है।
(तभी मानस का प्रवेश। उसके हाथ में एक छोटा-सा गमला है, जिसमें गुलमोहर का पौधा लगा हुआ है। "देवांश" कहते हुए गमला उसके हाथ में दे देता है।)
मानस : तुम्हारे जन्मदिन का गिफ्ट है, इसे आज ही घर में या घर के पास कहीं भी रोप देना। बड़ी जल्दी बढ़ता है गुलमोहर।
नीलांश : मैं कह रहा था न, मानस तुमसे नाराज है। अरे, जन्मदिन पर कोई गमला लाता है?
मानस : (हँसता हुआ) देवांश तुम्हें अच्छा नहीं लगा तो मैं चला जाता हूँ।
(गमला उठाकर जाने लगता है।)
पापा : मानस! रुको, तुम वापस नहीं जाओगे। (मानस रुक जाता है) अच्छा यह बताओ कि यह कल्पना तुम्हें किसने दी?
मानस : अंकल, मेरी मम्मी ने। मेरी मम्मी कॉलेज में पढ़ाती हैं, मेरी मम्मी कहती हैं, जैसे हमें ऑक्सीजन, पानी की आवश्यकता होती है वैसे ही आज हमें सबसे ज्यादा जरूरत पेड़ों की है... पेड़ लगाओ।
पापा : मैं भी यही कहता हूँ, क्यों देवयानी?
मम्मी : हाँ, मैं भी यही कहती हूँ।
पापा : मिताली, वह हारमोनियम इधर लाना तो।
(मिताली हारमोनियम लाकर पापा को देती है। बिमला का प्रवेश।)
मम्मी : कहाँ रह गई थी? मैंने कहा था, जल्दी आना।
बिमला : क्या करती बीबी जी, वह है न बाबू, उसने फिर वही चीज़ छोड़ दी... घर में आ गई चीज़।
(पापा और बच्चे बड़े ध्यान से बिमला की बात सुन रहे हैं।)
पापा : चीज़, क्या चीज़?
बिमला : बीबी जी सब जानती हैं।
(पापा मम्मी की ओर देखते हैं।)
मम्मी : इसकी अपनी भाषा है बात समझाने की, कोई आत्मा-वादना, भूत-प्रेत का चक्कर है।
पापा : अरे, क्यों चक्कर में पड़ी हो! यह सब अपने मन का डर होता है, जिसका फायदा ये ढोंगी लोग उठाते हैं... हम तो यहाँ नई रीत की बात कर रहे हैं और तुम चली पड़े हो पुराने जमाने में! तुम्हें कैसे नजर आ गई वह चीज़?
(बिमला मुंह बिचकाकर रसोई में जाने लगती है।)
पापा : रुको!
मम्मी : काम करने दो इसे।
पापा : नहीं, इसे भी सुनने दो, बैठो!
(बिमला एक ओर बैठ जाती है।)
पापा : हाँ, मैं कह रहा था, नई रीत, चीज़-वस्तु छोड़ो, बैठो और सुनो। हाँ, उपहार देने की यह “नई रीत” हो गई। तुम सभी गाओ खूब-खूब नाचना, खूब-खूब म्यूज़िक करना, लेकिन पहले सब मिलकर नई रीत बनाते हैं। मिताली, देवयानी, देवांश और सब बच्चों, ध्यान से सुनना और गाना मेरे साथ देना।
(हारमोनियम पर सुर छेड़े हैं। आलाप लेते हैं और फिर गाने लगते हैं।)
सभी बच्चे: चलो, नई रीत चलाएँ।
पापा: आउSSSS पास कुछ पेड़ लगाए।
बच्चे: जन्मदिन जब–जब हो जिसका।
पापा: आस–पास कुछ पेड़ लगाए। आउSSSS पास कुछ पेड़ लगाए।
सभी मिलकर: चलो, नई कोई रीत चलाएँ।
पापा: बस–बस... बस, बहुत हो गया।
*(बिमला से) बात कुछ आई समझ में? चलो अब केक काटेंगे।
मम्मी: अभी केक नहीं, पहले अंताक्षरी खेलते हैं... खेलोगे?
एक बच्चा: मुझे बहुत गाने याद हैं।
पापा: नो गाने... यहाँ भी नई रीत।
मम्मी: हाँ, आधे बच्चे इधर और आधे बच्चे उधर।
(बच्चे उठकर बंट जाते हैं।)
पापा: हाँ, हम खेलेंगे देशों के नाम।
सब बच्चे: तैयार।
पापा: भारत।
नीलांश: तंज़ानिया।
पापा: अनमोल आ।
अनमोल: ऑस्ट्रेलिया।
मानस: ये से या ‘या’ से?
मिताली: दोनों में से किसी एक से चलेगा।
मानस: यूरोप।
देवांश: पेरिस।
(बिमला प्रवेश करती है।)
बिमला: बीबी जी, हो गया और कुछ...?
पापा: जल्दी क्या है, तुम्हारी उस चीज़ को मैंने पकड़ लिया है।
*(हँसने लगता है) चलो, अब केक काटते हैं।
(केक पर मोमबत्तियाँ लगाकर जलाई जाती हैं। देवांश सभी दोस्तों के साथ मिलकर केक काटता है, सभी को खिलाता है फिर बज उठता है डेक। बच्चों के साथ देवयानी और देवेंद्र भी नाचते हैं।)
मम्मी: चलो बच्चों, अब कुछ पेटपूजा।
(एक और रखे डिब्बे एक–एक करके सभी बच्चों को पकड़ाती जाती हैं। बच्चे खाने और गप्पे लगाने में मस्त हो जाते हैं।)
(प्रकाश कुछ देर के लिए धीमा होता है। हल्का-सा मधुर संगीत बजता रहता है। कुछ क्षणों बाद ही प्रकाश तेज होता है।)
पापा: आज मानस ने एक पौधा गिफ्ट करके नई रीत चलाई है। हमने भी सोच रखा था कि कुछ अलग करेंगे। आज उपहार में सभी को एक–एक किताब... देवांश!
(देवांश जल्दी से किताबें उठाकर लाता है। मिताली भी साथ देती है। देवांश एक–एक करके सभी बच्चों को उपहार के पैकेट पकड़ाना शुरू करता है। इसी के साथ प्रकाश धीरे-धीरे मंद होता है और “चलो नई कोई रीत चलाएँ” गीत बजने लगता है।)
(पर्दा गिरता है)
स्वाध्याय प्रश्न
✅ 1. एक वाक्य में उत्तर दो
प्रश्न 1: देवांश के जन्मदिन पर उसके दोस्त कौन-कौन आए थे?
उत्तर: देवांश के दोस्त नीलांश, अनमोल, मानस, सनी सरदार और अन्य चार-छह लड़के आए थे।
प्रश्न 2: मानस देवांश को क्या उपहार लाया?
उत्तर: मानस देवांश को गुलमोहर का पौधा लाया।
प्रश्न 3: बिमला कौन थी?
उत्तर: बिमला घर में काम करने वाली थी।
प्रश्न 4: देवांश के पापा का नाम क्या था?
उत्तर: देवांश के पापा का नाम देवेंद्र था।
प्रश्न 5: देवांश की मम्मी का नाम क्या था?
उत्तर: देवांश की मम्मी का नाम देवयानी था।
✅ 2. दो-तीन वाक्यों में उत्तर दो
प्रश्न 1: मानस के पौधा देने के विचार की सबने प्रशंसा क्यों की?
उत्तर: क्योंकि पेड़ हमारे जीवन के लिए जरूरी हैं। पौधा लगाना पर्यावरण को बचाने का अच्छा तरीका है। इसलिए सबको यह विचार अच्छा लगा।
प्रश्न 2: पापा ने बच्चों से कौन-सा गीत गाने को कहा?
उत्तर: पापा ने बच्चों से "चलो नई कोई रीत चलाएँ, आउ-पास कुछ पेड़ लगाए" गीत गाने को कहा।
प्रश्न 3: अंत में पापा ने बच्चों को क्या उपहार दिया?
उत्तर: अंत में पापा ने सभी बच्चों को एक-एक किताब उपहार में दी।
✅ 3. विस्तार से उत्तर दो
प्रश्न 1: इस एकांकी का शीर्षक ‘नई रीत’ क्यों रखा गया है?
उत्तर: पहले जन्मदिन पर खिलौने, कपड़े या मिठाई जैसे उपहार दिए जाते थे। लेकिन इस एकांकी में मानस ने पौधा देकर नई रीत शुरू की। पापा ने भी बच्चों को किताबें दीं। यह नई सोच और पर्यावरण के लिए प्रेरक कार्य है। इसलिए इसका नाम "नई रीत" रखा गया।
प्रश्न 2: पापा ने बच्चों को क्या सीख दी?
उत्तर: पापा ने बच्चों को सिखाया कि जन्मदिन पर केवल खाना-पीना और खेलना ही जरूरी नहीं, बल्कि समाज और पर्यावरण के लिए कुछ अच्छा करना चाहिए। उन्होंने बच्चों को पेड़ लगाने और किताब पढ़ने की आदत डालने की प्रेरणा दी।
✅ 4. रिक्त स्थान भरें
- देवांश के पापा का नाम __________ था।
उत्तर: देवेंद्र - मानस देवांश के लिए __________ का पौधा लाया।
उत्तर: गुलमोहर - देवांश की मम्मी का नाम __________ था।
उत्तर: देवयानी - पापा ने बच्चों को उपहार में __________ दी।
उत्तर: किताबें - "चलो नई कोई रीत चलाएँ" गीत __________ ने गाया।
उत्तर: पापा और बच्चे
✅ 5. सही विकल्प चुनो (बहुविकल्पीय प्रश्न)
प्रश्न 1: देवांश के जन्मदिन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(a) खेलकूद करना
(b) नई रीत अपनाना
(c) नाचना-गाना
(d) केक खाना
उत्तर: (b) नई रीत अपनाना
प्रश्न 2: "नई रीत" में क्या शामिल था?
(a) मिठाई बाँटना
(b) पौधा लगाना और किताब देना
(c) गुब्बारे उड़ाना
(d) उपहारों की प्रदर्शनी
उत्तर: (b) पौधा लगाना और किताब देना
✅ 6. शब्दार्थ लिखो
- रीत – परंपरा
- सजावट – सजा हुआ रूप
- उपहार – तोहफा
- आलाप – गाने की प्रारंभिक धुन
- पेटपूजा – भोजन करना
✅ 7. अपने शब्दों में लिखो (रचनात्मक प्रश्न)
प्रश्न: यदि तुम्हारे जन्मदिन पर कोई तुम्हें पौधा उपहार में दे, तो तुम क्या करोगे?
संभावित उत्तर: मैं बहुत खुश होऊँगा और उस पौधे को अपने घर के पास लगाकर उसकी देखभाल करूँगा।
✅ 8. संवाद लेखन
प्रश्न: देवांश और मानस के बीच का संवाद लिखो जब मानस ने पौधा उपहार में दिया।
उत्तर:
मानस: तुम्हारे जन्मदिन का गिफ्ट है, इसे आज ही घर में रोप देना।
देवांश: अरे, यह तो गमला है!
मानस: हाँ, इसमें गुलमोहर का पौधा है। यह बहुत जल्दी बड़ा होता है।
देवांश: बहुत अच्छा विचार है। धन्यवाद!
अतिरिक्त वस्तुनिष्ठ प्रश्न
✅ 1. सही उत्तर चुनो (MCQ):
(i) देवांश के पापा का नाम क्या था?
(a) देवयानी
(b) देवेंद्र
(c) अनमोल
(d) नीलांश
उत्तर: (b) देवेंद्र
(ii) मानस जन्मदिन पर कौन-सा उपहार लाया?
(a) खिलौना
(b) किताब
(c) गुलमोहर का पौधा
(d) गेंद
उत्तर: (c) गुलमोहर का पौधा
(iii) देवांश की मम्मी का नाम क्या है?
(a) मिताली
(b) देवयानी
(c) बिमला
(d) नीलिमा
उत्तर: (b) देवयानी
(iv) अंत में पापा ने बच्चों को क्या दिया?
(a) पौधा
(b) किताबें
(c) मिठाई
(d) खिलौने
उत्तर: (b) किताबें
(v) नई रीत का मुख्य उद्देश्य क्या था?
(a) नाच-गाना करना
(b) पेड़ लगाना और किताबें पढ़ना
(c) खेल खेलना
(d) उपहार बाँटना
उत्तर: (b) पेड़ लगाना और किताबें पढ़ना
✅ 2. सही या गलत (True/False):
(vi) बिमला देवांश की बहन थी।
उत्तर: गलत
(vii) मानस की मम्मी कॉलेज में पढ़ाती थीं।
उत्तर: सही
(viii) "चलो नई कोई रीत चलाएँ" गीत बच्चों ने गाया।
उत्तर: सही
✅ 3. रिक्त स्थान भरो:
(ix) देवांश के जन्मदिन की पार्टी में _______ ने गुलमोहर का पौधा दिया।
उत्तर: मानस
(x) अंत में पापा ने सभी को _______ दी।
उत्तर: किताबें
No comments:
Post a Comment