
“आओ साहित्यकार से मिलें” उपक्रम के तहत विद्यार्थियों को मिला प्रेरणादायी मार्गदर्शन
जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर में ऑनलाइन आयोजन; साहित्यकार संजय भारद्वाज ‘संजय’ ने विद्यार्थियों को दी सफलता की सीख
विचारपुर (तहसील सालेकसा, जिला गोंदिया):
जिला परिषद हिंदी वरिष्ठ प्राथमिक पाठशाला, विचारपुर द्वारा “आओ साहित्यकार से मिलें” इस अभिनव शैक्षणिक उपक्रम का आयोजन ऑनलाइन माध्यम (Google Meet) के जरिए उत्साहपूर्वक किया गया। इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार, प्रचार-प्रसारक एवं प्रेरक वक्ता श्री संजय भारद्वाज ‘संजय’ मुख्य मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की संकल्पना एवं सफल आयोजन शिक्षण सेवक मच्छिंद्र बापू भिसे द्वारा किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत से हुई, जिससे वातावरण उत्साहपूर्ण एवं साहित्यिक बना। इसके पश्चात मच्छिंद्र भिसे सर ने अतिथि का परिचय प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण छात्रा हिना मच्छिरके द्वारा प्रस्तुत कविता ‘दिव्यांग’ का भावपूर्ण वाचन रहा, जिसने सभी उपस्थितों को भावविभोर कर दिया।
अपने मार्गदर्शन सत्र में श्री संजय भारद्वाज ‘संजय’ ने विद्यार्थियों के मन में उठने वाले विभिन्न प्रश्नों के सरल, प्रेरक एवं व्यावहारिक उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, समय का सदुपयोग, कठिन परिश्रम और लगन के महत्व को समझाते हुए बताया कि सफलता के लिए अनुशासन और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करना चाहिए।
साहित्यकार ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को जीवन में सर्वोपरि मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने का सशक्त साधन है। उन्होंने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ साहित्य, लेखन और रचनात्मक गतिविधियों में भी भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस अवसर पर उन्होंने शिक्षकों से भी विद्यार्थियों की व्यक्तिगत रुचि और क्षमताओं को पहचानकर उन्हें सही मार्गदर्शन देने का आवाहन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक यदि विद्यार्थियों की रुचि के अनुसार उन्हें दिशा देंगे, तो उनके सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा।
कार्यक्रम में मुख्याध्यापक एम. ए. जमकाटन सर, सह शिक्षक डि. ए. जमकाटन सर, नागपुरे सर, उपराडे सर तथा अन्य शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने कार्यक्रम का लाभ उठाते हुए साहित्यकार के विचारों को आत्मसात किया।
कार्यक्रम का संचालन अत्यंत प्रभावी ढंग से मच्छिंद्र भिसे सर द्वारा किया गया तथा अंत में उन्होंने सभी उपस्थितों का आभार व्यक्त किया।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी सिद्ध हुआ, जिससे उनमें शिक्षा के प्रति रुचि एवं सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हुआ।
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कुछ क्षण चित्र















